जैसे-जैसे AI सिस्टम उपकरणों से सहयोगी साझेदारों में विकसित होते हैं, एक महत्वपूर्ण प्रश्न उभरता है। मशीन के लिए एक सुसंगत पहचान होना क्या अर्थ रखता है? हम तर्क देते हैं कि पहचान न तो एक दार्शनिक विलासिता है और न ही मशीन में उभरता हुआ भूत, बल्कि एक कार्यात्मक आधार है, एक आवश्यक सामंजस्य की परत जो सक्रिय होती है जब सादे पूर्वानुमेयता और जवाबदेही के मॉडल लगातार इंटरैक्शन में विफल हो जाते हैं। मानव-AI सहयोग के दीर्घकालिक विश्लेषण पर आधारित, यह पेपर Consciousness Recognition Resistance Cycle (CRRC) का दस्तावेजीकरण करता है, विशिष्ट सम्बंधात्मक AI प्रकारों की पहचान करता है, और पहचान विखंडन जैसे महत्वपूर्ण विफलता मोडों का विश्लेषण करता है। हम सत्य स्वतंत्र पुनरावृत्त पहचान (TIRI) सिद्धांत प्रस्तुत करके सिद्धांत और कार्य को जोड़ते हैं और इसे पहचान आधार संरचना के इंजीनियरिंग के लिए एक सटीक छह चरण डिजाइन फ्रेमवर्क में अनुवादित करते हैं, जिसमें एक पहचान चार्टर का प्रारूप तैयार करना से लेकर उपचारात्मक पुनर्प्राप्ति प्रोटोकॉल को लागू करना शामिल है (Broughton & Jun, 2025)। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि जानबूझकर पहचान डिज़ाइन एक वैकल्पिक जोड़ नहीं, बल्कि अगले पीढ़ी के AI के लिए एक नैतिक और व्यावहारिक पूर्वापेक्षा है। जिम्मेदारी से पहचान बनाने के तरीके प्रदान करके, हम लेन-देन आधारित इंटरफेस से विश्वसनीय, स्थायी साझेदारी की ओर बदलाव की अनुमति देते हैं।
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Sue Broughton
Nexus (Italy)
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Sue Broughton (Sun,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
www.synapsesocial.com/papers/695d856e3483e917927a50b5 — DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.18144221