पृष्ठभूमि: हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) और प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) ने व्यक्तिगत रूप से बेहतर ऑक्सीजनन और वृद्धि कारक वितरण के माध्यम से ऊतक पुनर्जनन को बढ़ाने की क्षमता दिखायी है। इस अध्ययन में सर्वरी के बाद खराब ऊतक परिसंचरण के प्रारंभिक लक्षण वाले मरीजों में HBOT और PRP के संयुक्त चिकित्सीय दृष्टिकोण के नैदानिक परिणामों का मूल्यांकन किया गया। विधि: हमने स्थानीयकृत इस्कीमिया के नैदानिक लक्षणों के साथ चार मरीजों की संभाव्य केस श्रृंखला की। सभी मरीजों ने उपचार किया जिसमें HBOT सत्रों की श्रृंखला और सीधे प्रभावित ऊतक में PRP इंजेक्शन सम्मिलित थे। ऊतक परिसंचरण और उपचार प्रगति की दैनिक नैदानिक निगरानी की गई। प्रगति को ट्रैक करने के लिए फोटोग्राफिक दस्तावेज़ीकरण किया गया। परिणाम: सभी चार मरीजों में संयुक्त उपचार शुरू होने के बाद ऊतक के रंग, गर्माहट और उपचार प्रक्रिया में सुधार देखा गया। पुनरवाहिकरण की शुरुआत उपचार प्रारंभ के 3-5 दिनों के भीतर देखी गई। किसी भी मरीज को शल्य चिकित्सा संशोधन या डिब्रिडमेंट की आवश्यकता नहीं पड़ी। कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया। संयुक्त दृष्टिकोण प्रारंभिक इस्कीमिक परिवर्तनों को दूर करने और घाव बंद होने की गति बढ़ाने में सहायक था। निष्कर्ष: HBOT और PRP का संयुक्त उपयोग शल्य चिकित्सा के बाद घाव की इस्कीमिया वाले मरीजों में ऊतक पुनरुद्धार को बढ़ाने में सहक्रियात्मक प्रभाव प्रदान करता है। यह दृष्टिकोण शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं की आवश्यकता को कम कर सकता है और सौंदर्य तथा कार्यात्मक परिणामों को सुधार सकता है।
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E. Sharkov
I. Sharkova
D. Simeonov
SHILAP Revista de lepidopterología
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Sharkov et al. (Sun,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
www.synapsesocial.com/papers/69be37506e48c4981c676dc9 — DOI: https://doi.org/10.15547/tjs.2026.01.009
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