21वीं सदी में अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जहाँ शीत युद्ध के बाद स्थापित एकध्रुवीय व्यवस्था धीरे-धीरे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में परिवर्तित हो रही है। इस उभरते वैश्विक परिदृश्य में भारत अपनी विशिष्ट भू-राजनीतिक स्थिति, बढ़ती आर्थिक शक्ति, सैन्य क्षमता तथा सक्रिय कूटनीतिक भूमिका के कारण एक महत्त्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाले रणनीतिक मार्गों पर स्थित करती है, जिससे हिन्द-प्रशान्त क्षेत्र में उसकी भूमिका अत्यन्त निर्णायक बन जाती है।
सोनू कुमार (Thu,) studied this question.