सतत आतिथ्य और कार्यबल विविधता: भारतीय होटल उद्योग में समावेशी हरित प्रथाओं पर एक अध्ययन अजय बुडके सहायक प्रोफेसर, भारती विद्यापीठ होटल प्रबंधन एवं केटरिंग टेक्नोलॉजी संस्थान, नवी मुंबई सरोज अजय बुडके सहायक प्रोफेसर, ITM होटल प्रबंधन संस्थान, नवी मुंबई सारांश: वर्तमान प्रतिस्पर्धी बाजारों में सफलता की कुंजी स्थिरता है। भारतीय होटल उद्योग ने विशेष रूप से COVID-19 महामारी के बाद प्रमुख बदलाव देखें हैं। यह अध्ययन भारतीय होटल उद्योग में सतत आतिथ्य प्रथाओं और कार्यबल विविधता के बीच संबंध की जांच करता है, जिसमें समावेशी हरित प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित है। यह शोध यह पता लगाता है कि होटल पर्यावरणीय स्थिरता को विविधता, समानता और समावेशन के सिद्धांतों के साथ कैसे एकीकृत करते हैं ताकि प्रभावशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ाया जा सके। यह ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट कमी, हरित खरीददारी और समुदाय सहभागिता पहलों को बढ़ावा देने में विविध कार्यबल की भूमिका का विश्लेषण करता है। सर्वेक्षण डेटा को होटल कर्मचारियों और प्रबंधकों से लिया गया है तथा उद्योग विशेषज्ञों से गुणात्मक अंतर्दृष्टि शामिल की गई है। अध्ययन समावेशी स्थिरता रणनीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को भी पहचानता है, जिनमें कौशल अंतर, परिवर्तन के प्रति प्रतिरोध, और सीमित संसाधन शामिल हैं। परिणाम बताते हैं कि समावेशी मानव संसाधन नीतियों वाले होटल स्थायी संचालन और नवाचार के प्रति अधिक प्रतिबद्धता दिखाते हैं। निष्कर्ष में कहा गया है कि कार्यबल विविधता को हरित प्रबंधन के साथ समन्वित करने से सेवा गुणवत्ता, कर्मचारी संलग्नता, और ब्रांड प्रतिष्ठा में सुधार होता है। भारतीय होटलों में प्रशिक्षण, नेतृत्व प्रतिबद्धता, और समावेशी पर्यावरणीय शासन को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सिफारिशें दी गई हैं। कीवर्ड्स: सतत आतिथ्य, कार्यबल विविधता, समावेशी प्रथाएँ, हरित प्रबंधन, भारतीय होटल उद्योग, पर्यावरणीय स्थिरता
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Ajay Budke
Saroj Budke
Bharati Vidyapeeth Deemed University
Mahatma Gandhi Mission Institute of Health Sciences
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बुडके और अन्य (Mon,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
www.synapsesocial.com/papers/69b8f13ddeb47d591b8c6347 — DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.19028013
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