वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में डिजिटल माध्यमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए 'स्वयंप्रभा' चैनल ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। यह शोध पत्र हायर सेकेंडरी स्तर के छात्रों द्वारा स्वयंप्रभा चैनल के उपयोग और उनकी शैक्षिक उपलब्धि के बीच संबंध को जानने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अध्ययन रायपुर एवं दुर्ग जिले के 200 छात्रों पर आधारित है, जिनमें से 100 छात्र सरकारी विद्यालयों से एवं 100 निजी विद्यालयों से चुने गए। डेटा एकत्रीकरण हेतु एक स्वनिर्मित प्रश्नावली का उपयोग किया गया, जिसमें छात्रों द्वारा स्वयंप्रभा के उपयोग की आवृत्ति, समय, विषयों की पसंद, एवं उसकी उपयोगिता के बारे में प्रश्न पूछे गए। साथ ही, उनकी वार्षिक परीक्षा के अंकों का विश्लेषण किया गया। सांख्यिकीय तकनीकों के अंतर्गत सहसंबंध विश्लेषण और t-परीक्षण का उपयोग किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि स्वयंप्रभा चैनल का नियमित उपयोग करने वाले छात्रों की औसत उपलब्धि में 15% तक वृद्धि देखी गई। सहसंबंध का मूल्य 0.63 पाया गया, जो सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वयंप्रभा का उपयोग छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने में सहायक है। यह शोध शिक्षकों, नीति निर्माताओं तथा छात्रों के लिए एक दिशा-सूचक का कार्य कर सकता है, जिससे डिजिटल संसाधनों को शिक्षा के मुख्य प्रवाह में समाविष्ट करने की आवश्यकता को बल मिलता है।
(Tiwari) et al. (2025) studied this question.